Jama Masjid Delhi In Hindi | जामा मस्जिद (दिल्ली) की संपूर्ण जानकारी

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Jama Masjid Delhi | जामा मस्जिद की जानकारी, jama masjid of delhi, jama masjid

Introduction-Jama masjid Delhi

दुनिया में बहुत सारे बेहतरीन और खूबसूरत जगह पाए जाते हैं जिन्हें बस देखने का ही मन करता है उन्हीं में से एक विशाल मस्जिद अपने अंदर के कई सारे रहस्य और ऐतिहासिक बातों को छुपाए हुए हैं 

इस मस्जिद के बारे में बहुत सारी बातें हैं जिन्हें हम आज विस्तार रूप से जानेंगे इसीलिए बहुत ही ध्यान से इन बातों को पढ़ें और जाने इस मस्जिद के कुछ रहस्य और ऐतिहासिक और इसकी विशेषताएं जामा मस्जिद भारत की बड़ी मस्जिदों में से एक है। यह इतना बड़ा जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते यहाँ एक बार में करीब 25000  लोग बैठ सकते है। 

मस्जिद में बेहद खूबसूरत मीनारे आपको देखने के लिए मिल जाएगी। जामा मस्जिद में मुग़ल समय की बेहद खूबसूरत कारीगरी है। पूर्ण रूप से जामा मस्जिद 1656 में बन कर तैयार हुई थी ।  जामा मस्जिद भी चांदनी चौक में ही स्थित है और यह लाल किले से 500 मीटर की  दूरी पर स्थित है। 

जामा मस्जिद का इतिहास 

जामा मस्जिद का निर्माण मुग़ल शासक शाहजहां ने करवाया था। जामा मस्जिद का निर्माण कार्य 1650  में शुरू किया गया था जो की 1656 में बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया था। जामा मस्जिद लाल बलुआ खूबसूरत पत्थरों से और संगमरमर से बानी हुई है। 

जामा मस्जिद का एक अन्य नाम भी है मस्जिदजहांनुमा।  मस्जिदजहांनुमा का अर्थ है दुनिया का दृश्य।  

जामा मस्जिद इसलिए भी खास है क्योंकि  जिस दिशा में  मक्का मदीना की मस्जिद बानी हुई है उसी दिशा में जामा मस्जिद भी बनी हुई है। इसलिए भी मुस्लिम धर्म के लोगो के लिए जामा मस्जिद एक विशेष महत्व रखती है। 

जामा मस्जिद की वास्तुकला 

जामा मस्जिद का निर्माण मुगक शैली में हुआ है।  जामा मस्जिद के अंदर अनेक प्रवेश द्वार है जिसमे से पूर्वी प्रवेश द्वार मुख्या प्रवेश द्वार है। जामा मस्जिद का प्रवेश द्वार लाल बलुआ पत्थर का बना हुआ है। 

जामा मस्जिद का निर्माण पहाड़ी पर हुआ है इसलिए थोड़ी ऊंचाई पर बनी हुई है। यहाँ पर उत्तरी दिशा में एक संग्राहलय है जिसमे पैगम्बर साहब के अवशेषों को संभाल कर रखा हुआ है। 

जामा मस्जिद का पश्चिमी भाग हिन्दू और जैन शैली में बना हुआ है। मस्जिद में दो बड़ी मीनारे है जो की सफ़ेद संगमरमर से बनी हुई है।

जामा मस्जिद में फोटोग्राफी 

जामा मस्जिद परिसर के अंदर फोटोग्राफी करने की पूर्णयता मनाही है।  यदि फिर भी आप मस्जिद परिसर के अंदर फोटोग्राफी करना चाहते है तो आपको इस के लिए इजाजत लेनी होगी साथ ही साथ आपको 300  रूपए की फोटोग्राफी फीस भी देनी होगी।

जामा मस्जिद का एंट्री टिकट : जामा मस्जिद में सभी पर्यटकों के लिए एंट्री पूरी तरह से निशुल्क  है।

जामा मस्जिद घूमने का समय 

जामा मस्जिद घूमने के लिए  सुबहसे  12  तक और दोपहर 1 :30  से 6 :30 

 कैसे पंहुचा जाये जामा मस्जिद

वायु मार्गआप इंदिरा गाँधी एयरपोर्ट पर उतर कर वहां से कैब या टैक्सी द्वारा जामा मस्जिद आसानी से पहुंच सकते है। 

रेल मार्गयदि आप दिल्ली के बाहर से ट्रैन द्वारा रहे तो आप पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतर कर जामा मस्जिद  सकते है।  वहां से जामा मस्जिद  बस कुछ दुरी पर ही है। 

मेट्रो द्वाराआप लाल किला मेट्रो स्टेशन , चावड़ी बाजार मेट्रो  या चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन कही भी उतर कर जामा मस्जिद पहुंच सकते है।

यह मस्जिद बहुत ही खूबसूरत ऐतिहासिक बातों को छुपाए हुए हैं आप जब भी दिल्ली आए तब आप इसे देखने के लिए आ सकते हैं आगे फिर मिलते हैं कुछ ऐसे ही रोचक बातों को लेकर के तब तक आप लोग अपना ध्यान रखें और अपना प्यार ऐसे ही बनाए रखें

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